पन्ना लाल रिपोर्टर

दुल्लहपुर (गाजीपुर)। दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के भगीरथपुर गांव में बुधवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना से पूरा गांव गमगीन हो गया। 33 वर्षीय ओमकार कुमार पुत्र स्व. सुखी राम ने अपने ही घर में पंखे के हुक से रस्सी का फंदा लगाकर आत्मघाती कदम उठा लिया।
सुबह लगभग 7 बजे मृतक की पत्नी चंदा देवी शौच के लिए बाहर गई थीं। घर में सभी बच्चे सो रहे थे। जब वह वापस लौटीं तो कमरे में ओमकार को रस्सी के सहारे फांसी के फंदे से लटका देखा। यह दृश्य देखते ही उन्होंने शोर मचा दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संतोष यादव की अगुवाई में लोगों ने तत्काल फंदे से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखनिया ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मानसिक परेशानी और आर्थिक संकट से जूझ रहा था परिवार
पत्नी चंदा देवी ने तहरीर में बताया कि ओमकार मनरेगा में मजदूरी करते थे और शादी-विवाह में डांसर का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। पिछले कुछ समय से उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी। इलाज के लिए आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी, जिससे परिवार किसी तरह गुजर-बसर कर रहा था।
ओमकार अपने पीछे पांच मासूम बच्चों—आजाद (12 वर्ष), अंशिका (10 वर्ष), अमृता (8 वर्ष), अंशु (6 वर्ष) और अमित (5 वर्ष)—को छोड़ गए हैं। परिवार में वही एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मौत से बच्चों के भविष्य पर गहरा संकट मंडराने लगा है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही जलालाबाद चौकी प्रभारी प्रदीप मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
इस दुखद घटना के बाद भगीरथपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।


