गाजीपुर।
गाजीपुर शहर में करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। सादात के पूर्व प्रमुख व भाजपा नेता संतोष यादव और चर्चित प्रॉपर्टी डीलर अश्वनी राय के बीच पहले से चल रही खींचतान के बीच शनिवार को समाजवादी पार्टी ने भी इस मामले में खुलकर एंट्री कर दी।
जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव की अगुवाई और सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि शाह रौजा गाजी मियां स्थित वक्फ संख्या 119 की जमीन, जो कि कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, उसे साजिश के तहत बेचने की कोशिश की जा रही है। सपा नेताओं के अनुसार यह लगभग पांच बीघा जमीन है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है और इस पर वक्फ बोर्ड का अधिकार है।
इस संबंध में सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि रौजा स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर कुछ लोग अवैध कब्जा कर उसे बेचने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने जिलाधिकारी को साक्ष्य सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है और स्पष्ट किया है कि कब्रिस्तान की जमीन पर किसी भी प्रकार का कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मुख्य राजस्व अधिकारी की अदालत से संबंधित जमीन को लेकर निर्णय आ चुका है, जिसमें काश्तकारी भूमि और कब्रिस्तान की भूमि का अलग-अलग सीमांकन किया गया है। उनके अनुसार कब्रिस्तान की जमीन प्रभावित नहीं है। इसके बावजूद अभिलेखों की जांच के लिए वक्फ बोर्ड को पत्र भेजा जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि काश्तकारों के बीच विवाद को देखते हुए एसडीएम सदर ने फिलहाल मामले में स्टे लगा दिया है।
कुल मिलाकर करोड़ों की जमीन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जिस पर सभी की निगाहें आगामी जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।
करोड़ों की वक्फ भूमि को लेकर सियासी संग्राम तेज, सपा ने की एंट्रीकब्रिस्तान की जमीन बेचने की साजिश का आरोप, डीएम से मिला सपा प्रतिनिधिमंडल
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