संवाददाता राम अवतार यादव
सादात, गाज़ीपुर। क्षेत्र के कौड़ा गांव स्थित जिला उपदेशक केशव सिंह यादव के निवास पर सोमवार को अखंड स्वर्वेद पाठ एवं एक कुण्डीय यज्ञ का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर से आए संतों, श्रद्धालुओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुकुल उमरहा वैदिक विद्यालय के प्राचार्य मनोज यादव द्वारा गुरु वंदना से की गई। यह जिला स्तरीय संत समागम कार्यक्रम अभियोजन अधिकारी संतोष कुमार यादव के पुत्र आशुतोष कुमार के मूल शांति के उपलक्ष में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला संयोजक रामचंद्र भारद्वाज ने कहा कि स्वर्वेद में वर्णित विहंगम योग ऋषियों का एक आंतरिक चेतन विज्ञान है। इसे वेदों में विहंगम योग, मीन मार्ग, ब्रह्म विद्या, मधु विद्या, सहज योग और परा विद्या जैसे नामों से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस साधना से आत्मिक उन्नति और परमात्मा की प्राप्ति संभव है।
जिला सह संयोजक रामजी सिंह ने कहा कि संत समागम बड़े ही सौभाग्य से प्राप्त होता है। सत्संग रूपी सरिता में निरंतर स्नान करने से मन की मैल धुलती है और मानव जीवन परमात्मा की प्राप्ति के योग्य बनता है। विशिष्ट अतिथि फणींद्र राय ने कहा कि जीवन में सद्गुरु का मिलना अत्यंत दुर्लभ है और उनके मार्गदर्शन से ही जीव का संशय एवं भ्रम दूर होता है।
डॉ. सुधीर यादव ने कहा कि इंद्रियों द्वारा किए गए शुभ-अशुभ कर्मों का फल जीव को भोगना पड़ता है। उपदेशक शिवकुमार गुप्ता ने कहा कि विहंगम योग की साधना से मनुष्य जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त कर सकता है।
इससे पूर्व जिला उपदेशक केशव सिंह यादव ने मेरिडियन हॉस्पिटल वाराणसी के डायरेक्टर डॉ. पियूष यादव, वरिष्ठ सर्जन डॉ. के.के. पाण्डेय एवं पूर्व डीआईजी महेन्द्र सिंह यादव को आध्यात्मिक महासद्ग्रंथ स्वर्वेद भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला इकाई प्रचारक राजकुमार खरवार ने किया। इस अवसर पर प्रदेश के सह मंत्री श्यामलाल यादव, उपदेशक पलटू प्रजापति, ओमप्रकाश राम, प्रभुनाथ, रामा सिंह, तहसील प्रभारी ध्रुव प्रसाद वर्मा, प्रवक्ता अंगद सिंह यादव, ग्राम प्रधान कमलेश विश्वकर्मा, अधिवक्ता शोभनाथ यादव, चंद्रवली यादव, मधुसूदन प्रजापति, प्रमोद शर्मा, रामअवतार यादव, रामफेर यादव, ओमप्रकाश यादव (अधिवक्ता), रामाश्रय यादव, शिक्षक बाबूलाल यादव, इंद्रदेव यादव, सुरेंद्र यादव, सुभाष चन्द्र, लल्लन भारद्वाज, अशोक यादव, अजय यादव, बहन इंद्रावती सिंह, बिंदु भारद्वाज, श्रीमती बासमती देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अंत में गुरु वंदना, आरती और शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।






