संदीप दुबे संवाददाता
वाराणसी ।जिले के आराजी लाइन विकासखंड में सोमवार को मनरेगा मजदूर यूनियन के बैनर तले मनरेगा बचाओ अभियान के तहत सैकड़ों मजदूरों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए ब्लॉक कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विकसित भारत जी राम जी अधिनियम का विरोध किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा योजना के नाम में बदलाव करने के साथ-साथ रोजगार गारंटी से जुड़ी महत्वपूर्ण धाराओं में संशोधन करने जा रही है, जिससे ग्रामीण मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है। मजदूरों का कहना था कि मनरेगा जैसी योजना ग्रामीण गरीबों और मजदूर वर्ग के लिए जीवनरेखा है, लेकिन सरकार इसे कमजोर करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मनरेगा से जुड़े प्रस्तावित विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए और योजना की मूल संरचना से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार मजदूरों और गरीब तबके के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और पलायन बढ़ने की आशंका है।
इस मौके पर यूनियन के संयोजक सुरेश राठौड़ ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों की आजीविका का प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने करोड़ों गरीब परिवारों को सम्मानजनक रोजगार देने का काम किया है। यदि इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव किया गया तो इसका सीधा असर मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि मनरेगा की मूल भावना को बनाए रखा जाए और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशें बंद नहीं कीं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक संघर्ष किया जाएगा।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि मौके पर प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए रहे।
मनरेगा बचाओ अभियान के तहत आराजी लाइन ब्लॉक का घेराव, मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन
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