सोनू अहमद संवाददाता

शादियाबाद (गाजीपुर):
स्थानीय क्षेत्र के दुर्गा चौक के पास संचालित तान्या डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर के बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित हो रहे इस सेंटर पर की गई कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य झोलाछाप चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप मच गया है।
संयुक्त निरीक्षण में हुआ बड़ा खुलासा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मनिहारी के एमओआईसी डॉ. धर्मेंद्र कुमार और क्षेत्राधिकारी (सीओ) भुड़कुड़ा रामकृष्ण तिवारी ने संयुक्त रूप से इस डायग्नोस्टिक सेंटर का औचक निरीक्षण किया था।
संचालक नदारद: निरीक्षण के दौरान मुख्य संचालक मौके पर नहीं मिला, जबकि आदर्श कुमार और निशान्त कुमार नामक दो युवक कार्य करते मिले।
वाराणसी में होना बताया: फोन पर संपर्क करने पर संचालक ने खुद के वाराणसी में होने की बात कही।
दस्तावेजों की कमी: मांगने पर संचालक या वहां मौजूद कर्मचारी कोई भी वैध कागजात या पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके।
ऑनलाइन पोर्टल पर नहीं मिला पंजीकरण
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से इस सेंटर के रिकॉर्ड की पड़ताल की गई, तो पता चला कि ऑनलाइन पोर्टल पर इसका कोई पंजीकरण दर्ज नहीं है। नियमों की इस खुली अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए एमओआईसी डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने शादियाबाद थाने में लिखित तहरीर दी।
कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की तहरीर के आधार पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 की धारा 34(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अन्य सेंटरों पर भी कस सकता है शिकंजा
इस बड़ी कार्रवाई के बाद शादियाबाद और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से चल रहे पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों के संचालकों में खलबली मची है। प्रशासन के इस रुख से स्पष्ट है कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले संस्थानों पर आगे भी सख्त शिकंजा कसा जाएगा। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से मामले की अग्रिम विधिक जांच में जुटे हैं।
