संतोष सिंह गुड्डू ब्यूरो चीफ
मिर्जापुर (लालगंज):
लालगंज थाना क्षेत्र के नदी कटारी-गड़बड़ा धाम मार्ग पर देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 25,000 रुपये का इनामी पशु तस्कर मोहम्मद गुफरान पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक देसी तमंचा, कारतूस, खोखा, 37,500 रुपये नकद और एक बाइक बरामद की है। हालांकि, उसका एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा।
बिहार के रोहतास से चला रहा था तस्करी का सिंडिकेट
अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) राजकुमार मीणा ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संत रविदास नगर (भदोही) जनपद के गोपीगंज का रहने वाला है। वर्तमान में वह बिहार के रोहतास जिले में रहकर मवेशी तस्करी के बड़े सिंडिकेट का संचालन कर रहा था। उसके खिलाफ लालगंज, जिगना और विंध्याचल थानों में कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी और उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।
मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी
लालगंज थानाध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार की रात करीब 1:30 बजे लालगंज पुलिस टीम एनएच हाईवे 135 पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर लेडी गांव के पास वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। तभी रीवा की ओर से एक संदिग्ध बाइक सवार आता हुआ दिखाई दिया।
पुलिस ने जब उसे नदी गांव के पास कटारी मार्ग से गड़बड़ा धाम रोड की पुलिया के पास रोकने का प्रयास किया, तो तस्कर ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और भागने लगा।
जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ तस्कर
पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें पशु तस्कर मोहम्मद गुफरान के बाएं पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे दबोच लिया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
साथियों के पकड़े जाने पर खुद बाहर आया सरगना
पुलिस के मुताबिक, गत 9 जून को लालगंज पुलिस ने 28 निराश्रित पशुओं से लदे एक ट्रक को पकड़ा था। जांच में सामने आया था कि जब्त किए गए वे सभी मवेशी गुफरान के ही थे।
थानाध्यक्ष ने बताया कि गुफरान शातिर किस्म का अपराधी है। वह आमतौर पर खुद तस्करी के लिए बाहर नहीं निकलता था, बल्कि बिहार के रोहतास में बैठकर ही पूरा नेटवर्क चलाता था। वह मवेशियों को उठाने के लिए रीवा और प्रयागराज अपने गुर्गों को भेजता था, लेकिन जब पुलिस ने उसके नेटवर्क के अन्य तस्करों और गुर्गों को दबोच लिया, तो उसे खुद कमान संभालने के लिए मैदान में उतरना पड़ा। वह रीवा में तस्करी का सौदा करने जा ही रहा था कि पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
फिलहाल पुलिस ने घायल तस्कर के खिलाफ लालगंज थाने में मुठभेड़ और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत नया मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही, इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की भी गहराई से जांच की जा रही है।
