समाचार भारत अरविंद गुप्ता ब्यूरो चीफ
सोनभद्र। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं और वित्तीय धांधली उजागर हुई हैं। 8 जून 2026 को की गई औचक निरीक्षण में योजना के मानकों का उल्लंघन तथा आयुष्मान कार्ड धारक लाभार्थियों से अवैध धन वसूली के आरोप सामने आए हैं। अस्पताल परिसर में आयुष्मान हेल्प डेस्क स्थापित नहीं था और न ही मरीजों की सुविधा हेतु शिकायत निवारण संबंधी अनिवार्य जानकारी प्रदर्शित की गई थी। लाभार्थियों के उपचार हेतु निर्धारित आधिकारिक रजिस्टर का रख-रखाव सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।कई जटिल चिकित्सा विभागों के संचालन हेतु आवश्यक प्रशासनिक अनुमति एवं लाइसेंस उपलब्ध नहीं थे। निरीक्षण के समय आईसीयू एवं जनरल वार्ड में बीएएमएस चिकित्सकों द्वारा एलोपैथिक उपचार किया जा रहा था। केवल एक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ उपस्थित थीं। ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में किसी भी आयुष्मान लाभार्थी का उपचार नहीं हुआ था और विशेषज्ञ चिकित्सक अनुपस्थित मिले।
निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों से बातचीत में दो महिला लाभार्थियों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पैथोलॉजी जांच और अल्ट्रासाउंड के नाम पर उनसे क्रमशः 4,000 रुपये और 5,000 रुपये नकद वसूले गए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध सभी उपचार, दवाएं एवं जांच निःशुल्क हैं। नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत एवं डीआईयू टीम ने अस्पताल प्रबंधन को तीन कार्यदिवस के भीतर बिंदुवार स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से स्थायी रूप से हटाकर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य निजी अस्पतालों में भी सतर्कता बढ़ गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
