समाचार भारत अरविंद गुप्ता ब्यूरो चीफ
सोनभद्र । स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व में सील किए गए एक निजी अस्पताल और तीन पैथोलॉजी लैबों का ताला तोड़कर अवैध रूप से पुनः संचालन शुरू किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. गुरु प्रसाद ने शनिवार को संबंधित थानों में लिखित तहरीर देकर आरोपी संचालकों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस कार्रवाई से जिले के अवैध और मानकविहीन चिकित्सा संस्थानों के संचालकों में हड़कंप है।स्वास्थ्य विभाग की विशेष जांच टीम ने पूर्व में औचक निरीक्षण के दौरान घोर अनियमितताएं, बिना पंजीकरण संचालन और मानकों की अनदेखी पाए जाने पर निम्न संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील किया था:
- सांईनाथ हॉस्पिटल, रामगढ़
- शिव पैथोलॉजी, मधुपुर
- रुद्रा पैथोलॉजी, घोरावल
- मॉडर्न पैथोलॉजी, दुद्धी
इन सभी चिकित्सा संस्थानों के संचालन पर पूर्ण रोक लगाते हुए मुख्य द्वारों पर विधिवत सरकारी सील लगाई गई थी। इसके बावजूद संचालकों ने विभागीय आदेशों की अवहेलना करते हुए गुपचुप तरीके से सरकारी सील तोड़कर अस्पताल व पैथोलॉजी लैबों का संचालन पुनः शुरू कर दिया।इस धांधली की गोपनीय सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर तथ्यों की पुष्टि की। सील टूटने और अवैध संचालन की पुष्टि होते ही नोडल अधिकारी डॉ. गुरु प्रसाद ने तत्काल संबंधित थाना प्रभारियों से संपर्क कर एफआईआर दर्ज कराने हेतु तहरीर सौंपी। नोडल अधिकारी का बयान
डॉ. गुरु प्रसाद ने कहा, “प्रशासन द्वारा सील किए गए किसी भी संस्थान का बिना अनुमति ताला तोड़ना और पुनः संचालन करना कानून का खुला उल्लंघन तथा राजकीय कार्य में बाधा डालने का संगीन अपराध है। ऐसे दुस्साहसी संचालकों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी संस्थान विभागीय आदेशों और सरकारी सील की अवहेलना का साहस न कर सके।”
पुलिस ने मामला दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में मानकविहीन और अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।
