रमेश प्रसाद सोनी उत्तर प्रदेश




गाजीपुर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान अक्सर छात्र-छात्राएं तनाव का सामना करते हैं। अत्यधिक तनाव के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है और परीक्षा परिणाम उम्मीद के विपरीत आ सकता है। तनावग्रस्त छात्र न तो ठीक से पढ़ पाते हैं और न ही पढ़ी हुई सामग्री को याद रख पाते हैं। उनमें चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, गुस्सा, उदासी और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। खान-पान की दिनचर्या भी अनियमित हो जाती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इस संबंध में जिले के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षा अधिकारियों से बातचीत की गई। उन्होंने परीक्षा के दौरान तनाव से बचने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
तनावमुक्त रहकर करें पढ़ाई — मंजू प्रकाश
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सादात की प्रधानाचार्या मंजू प्रकाश ने कहा कि परीक्षा के दौरान छात्रों को तनाव से दूर रहना चाहिए। तनाव में छात्र विषयवस्तु को न तो ठीक से समझ पाता है और न ही परीक्षा में उसे प्रभावी ढंग से लिख पाता है, जिसका सीधा असर परिणाम पर पड़ता है।
उन्होंने सलाह दी कि छात्र नियमित रूप से अपनी पढ़ी हुई सामग्री का पुनरावृत्ति करें, समय सारिणी बनाकर पढ़ाई करें और पूरी नींद लें। साथ ही माता-पिता एवं बड़ों से समय-समय पर सलाह-मशविरा करते रहें, इससे मानसिक दबाव कम होता है।
अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण — दिनेश यादव
राजकीय सिटी इंटर कॉलेज गाजीपुर के प्रधानाचार्य दिनेश यादव ने कहा कि परीक्षा के समय छात्र अपनी तैयारी को लेकर तनाव में आ जाते हैं, जिससे उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को परीक्षा से पहले मानसिक रूप से तैयार करें, ताकि वे परीक्षा के डर और बोझ से उबर सकें। छात्रों को टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई करने, पर्याप्त नींद लेने और पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी जानी चाहिए। इससे उनका मन शांत रहेगा और पढ़ी हुई सामग्री याद रहेगी।
योग और संतुलित आहार से दूर होगा तनाव — चन्द्रजीत सिंह यादव
पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक चन्द्रजीत सिंह यादव ने बताया कि परीक्षा का भय हर परीक्षार्थी में होता है, विशेषकर बोर्ड परीक्षाओं में यह अधिक देखने को मिलता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को तनाव से मुक्त रहने के लिए योगासन और व्यायाम करना चाहिए, गहरी सांसें लेनी चाहिए तथा पर्याप्त पानी पीना चाहिए। पौष्टिक भोजन, हरी सब्जियों का सेवन, नारियल पानी और केला जैसे आहार तनाव कम करने में सहायक होते हैं। अध्यापकों और परिवार के सदस्यों द्वारा दी गई सकारात्मक सलाह भी अत्यंत प्रभावी होती है।
तनाव से बढ़ सकती हैं शारीरिक समस्याएं — डॉ. राम अवतार यादव
पूर्व उप सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के डॉ. राम अवतार यादव ने कहा कि अत्यधिक तनाव से छात्रों में अनिद्रा, कब्ज, सिरदर्द, थकान, उच्च रक्तचाप और सीने में दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में छात्र निर्णय लेने और ध्यान केंद्रित करने में स्वयं को अक्षम महसूस करते हैं। इसलिए आवश्यक है कि वे तनावमुक्त रहने के लिए योग करें, पूरी नींद लें, पौष्टिक आहार ग्रहण करें, अंतराल लेकर पढ़ाई करें और नियमित रूप से पुनरावृत्ति करते रहें। साथ ही बड़े-बुजुर्गों और शिक्षकों के मार्गदर्शन में रहें।
