समाचार भारत अरविंद गुप्ता ब्यूरो चीफ
सोनभद्र। विकास खंड नगवां में भारत सरकार के स्वच्छता अभियान की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। पंचायती राज नियमों के विपरीत कई सफाई कर्मी पिछले 10 वर्षों से अपने ही गृह ब्लॉक एवं ग्राम पंचायतों में तैनात हैं। समाचार भारत न्यूज’ द्वारा इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिलाधिकारी चर्चित गौंड ने जिला पंचायत राज अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निर्देश के बाद विभाग द्वारा केवल दो सफाई कर्मियों का स्थानांतरण खलियारी कर मामले में खानापूर्ति कर दी गई, जबकि दर्जनों अन्य कर्मी अब भी अपने गांवों में जमे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई सफाई कर्मी गांवों में नियमित रूप से आते तक नहीं हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार पियूष सिंह (सोहदाग मझुई), विनय सिंह (महुली खोड़ैला), शिव प्रसाद (चरगड़ा), सुधीर रंजन (काजियारी तेनुआही), राजेश पांडेय (बेउआ पानिकब खुर्द) एवं अयूब अहमद (दरेव बरवारी) जैसे सफाई कर्मी गांवों में नजर नहीं आते। वहीं रमेश सिंह (आमडीह), फूलचंद (बैनी) तथा विजय प्रताप मिश्रा (नंदना नरऊंज) अपने ही गांव में तैनात बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में नालियां जाम हैं, जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, लेकिन जिम्मेदार कर्मी ड्यूटी से नदारद रहते हैं। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं लिया जा सका। ग्रामीणों ने तेज तर्राक जिलाधिकारी सोनभद्र से मांग की है कि नियम विरुद्ध तैनात एवं ड्यूटी से अनुपस्थित सभी सफाई कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि स्वच्छता अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया जा सके।
