संदीप दुबे संवाददाता
वाराणसी।मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। अपर पुलिस आयुक्त के आदेश पर सोमवार को पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ दहेज अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उसे ₹5 लाख दहेज के लिए लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का शिकार बनाया गया।
पीड़िता रेखा बिंद, निवासी अरका कंसरायपुर, मिर्जामुराद, ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि लगभग छह वर्ष पूर्व उनकी शादी बृजेश बिंद पुत्र कांता बिंद, निवासी औशानपुर, थाना बड़ागांव से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद से पति बृजेश शराब के नशे में मारपीट करने लगा और ₹5 लाख की मांग करने लगा।
रेखा के अनुसार, जब उन्होंने पति की इस हरकत का विरोध किया तो ससुराल के अन्य लोग भी पति का पक्ष लेने लगे। ससुर कांता बिंद, सास जड़ावती देवी, जेठ कैलाश बिंद, जेठानी नीतू देवी, मंझले जेठ भीम प्रसाद और मंझली जेठानी राधिका देवी ने मिलकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। यह सिलसिला करीब पांच वर्षों तक चलता रहा।
पीड़िता ने बताया कि प्रताड़ना से तंग आकर ससुराल पक्ष ने उन्हें मायके छोड़ दिया और साफ तौर पर धमकी दी कि जब तक ₹5 लाख नहीं दिए जाएंगे, तब तक उन्हें वापस नहीं रखा जाएगा। इसके बाद कई बार पंचायत और मेडिएशन अधिकारी के हस्तक्षेप से सुलह कराने का प्रयास किया गया।
काफी प्रयासों के बाद जून 2025 में पीड़िता दोबारा अपने ससुराल लौटी, लेकिन वहां हालात नहीं बदले। आरोप है कि एक महीने के भीतर ही पति ने फिर शराब पीकर मारपीट शुरू कर दी और दोबारा ₹5 लाख की मांग करने लगा। जान का खतरा महसूस होने पर पीड़िता ने अपने भाई को बुलाया और मायके वापस आ गई।
पीड़िता ने ससुराल पक्ष के व्यवहार को असहनीय बताते हुए न्याय की गुहार लगाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मिर्जामुराद पुलिस ने कार्रवाई की।
इस संबंध में मिर्जामुराद थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की जांच की जा रही है।
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