विजय यादव संवाददाता



बरही (गाजीपुर)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में गाजीपुर की 376 जंगीपुर विधानसभा सीट को लेकर समाजवादी पार्टी के भीतर संभावित दावेदारियों की चर्चा तेज होने लगी है। संतोष यादव की सक्रियता से क्षेत्रीय राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। राजनीतिक चर्चाओं में एक ओर संतोष यादव की दावेदारी की बात हो रही है, तो दूसरी ओर वर्तमान विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव के राजनीतिक प्रभाव और पारिवारिक विरासत को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। ऐसे में पार्टी का अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
संतोष यादव को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। इसी चर्चा के बीच जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र में उनकी सक्रियता को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से टिकट को लेकर किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, वर्तमान विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव का कहना है कि जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र से उनके परिवार का पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने अपने परिवार के योगदान और क्षेत्र की जनता से मिले स्नेह को अपनी राजनीतिक ताकत बताया। उनका मानना है कि जनता का समर्थन आगे भी उनके साथ बना रहेगा।
वीरेंद्र यादव के प्रतिनिधि ने जताया भरोसा
इस संबंध में विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव के प्रतिनिधि रामभरत यादव ने कहा कि संतोष यादव का क्षेत्र में सक्रिय होना अच्छी बात है। उन्होंने दावा किया कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्वयं जंगीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लेते हैं, तभी वीरेंद्र यादव का टिकट कटने की संभावना बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वीरेंद्र यादव को टिकट नहीं मिलता है, तो इसका असर गाजीपुर की सभी सात विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
फिलहाल जंगीपुर में संतोष यादव की दावेदारी और डॉ. वीरेंद्र यादव की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी नेतृत्व आगामी चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर क्या निर्णय लेता है।
