शशिकांत पाण्डेय संवाददाता
आजमगढ़। जहानागंज थाना क्षेत्र के बरहतिर जगदीशपुर (बवाली मोड़) पर एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ सरकारी ड्यूटी पर तैनात एक महिला और उनके बेटे के साथ दबंगों द्वारा मारपीट और अभद्रता की गई। आरोप है कि सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस इस गंभीर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता सुमन राय वर्तमान में बीएलओ (BLO) की ड्यूटी पर तैनात हैं। मंगलवार दोपहर लगभग 3:00 बजे वह ‘एसआईआर फार्म’ की नोटिस देने के लिए अपने बेटे के साथ मनातन गौड़ पुत्र शम्भू गौड़ के घर गई थीं।
घटनाक्रम के अनुसार, सुमन राय ने जब मनातन के लड़के को नोटिस थमाया और प्रक्रिया के तहत कुछ आवश्यक दस्तावेज व मोबाइल नंबर की मांग की, तो आरोपी उत्तेजित हो गया। आरोप है कि मोबाइल नंबर और कागज मांगना उसे इतना नागवार गुजरा कि उसने सरेआम मां-बेटे को भद्दी-भद्दी गालियां देनी शुरू कर दीं। विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता के बेटे के साथ मारपीट शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों ने बचाया, पुलिस ने मोड़ा मुंह
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बीच- बचाव कर किसी तरह मामले को शांत कराया। घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की गुहार लगाई।
’खाकी पर खादी’ का पहरा
इस घटना ने क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों और पीड़िता का आरोप है कि पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है। चर्चा है कि एक रसूखदार नेता के दबाव में आकर पुलिस मामले में ढिलाई बरत रही है और आरोपियों को बचाने के लिए मामले को सुलह-समझौते के नाम पर रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
मुख्य बिंदु:
ड्यूटी पर हमला: सरकारी नोटिस देने गई महिला कर्मचारी के साथ बदसलूकी।
पुलिस की चुप्पी: प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई का अभाव।
जन आक्रोश: सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर लोगों में भारी नाराजगी।
अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी कर्मचारी को न्याय दिला पाता है या ‘खादी’ का दबाव ‘खाकी’ के कर्तव्यों पर भारी पड़ता है।
