विशेष संवाददाता
गाजीपुर | 27 जुलाई 2026
वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के आदेश के अनुपालन में जनपद गाजीपुर में माफिया मुख्तार अंसारी (आईएस-191 गिरोह) के सदस्यों, सहयोगियों और तत्कालीन शस्त्र लिपिकों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। गिरोह के सदस्यों को जारी किए गए 51 शस्त्र लाइसेंसों और उन पर क्रय-विक्रय किए गए 145 विभिन्न शस्त्रों के भौतिक सत्यापन व जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
जांच में यह खुलासा हुआ है कि जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के शस्त्र लिपिकों के साथ मिलीभगत कर मूल पत्रावलियों और क्रय-विक्रय फाइलों को गायब कराया गया, ताकि इन हथियारों का उपयोग आपराधिक गतिविधियों में किया जा सके।
अफजाल अंसारी और शस्त्र लिपिकों पर मुकदमा दर्ज
जांच के दौरान सांसद अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस (संख्या 1188/पी 11) से संबंधित पत्रावली और क्रय-विक्रय फाइल को अभिलेखागार से गायब कराए जाने का तथ्य प्रकाश में आया है। इस लाइसेंस पर दशकों पहले अरुणाचल प्रदेश के अलोंग जिले से एन.पी.बी. राइफल (संख्या 44667) का क्रय-विक्रय होना पाया गया था, लेकिन रिकॉर्ड और शस्त्र की वर्तमान स्थिति ज्ञात न होने के कारण भौतिक सत्यापन नहीं हो सका।
इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया है:
नामजद आरोपी:
अफजाल अंसारी (पुत्र स्व. सुभानुल्लाह अंसारी, निवासी यूसुफपुर, थाना मोहम्मदाबाद, गाजीपुर)
गौरीशंकर लाल (तत्कालीन शस्त्र लिपिक)
सुग्रीव तिवारी (तत्कालीन शस्त्र लिपिक द्वितीय)
पंजीकृत अभियोग विवरण:
मुकदमा अपराध संख्या: 554/26
धाराएं: 409, 120-बी, 419 भादवि तथा 21/25/30 आर्म्स एक्ट
लगाए गए आरोपों के तहत थाना कोतवाली में मामला दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन के अनुसार, शेष बचे शस्त्रों और लाइसेंसों की जांच व भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया अभी भी तेजी से प्रचलित है। जांच में सामने आने वाले अन्य अनियमितता के तथ्यों के आधार पर शेष मामलों में भी सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
