समाचार भारत ब्यूरो चीफ लक्ष्मी शरण सिंह राठौड़
फर्रुखाबाद
जनपद में 50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता है और मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में आयोजित बैठक में उन्होंने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा संचालित परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, गुणवत्ता तथा समय-सीमा की विभागवार समीक्षा की।समीक्षा के दौरान जिन परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली, उन पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप तय समय में पूरे किए जाएं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी कार्यदायी संस्थाएं निर्माण कार्यों के फोटोग्राफ गूगल लोकेशन के साथ उपलब्ध कराएं, ताकि कार्यों की वास्तविक प्रगति का सत्यापन किया जा सके। जल निगम के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया गया कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत पूरी तरह कराई जाए। यदि इस संबंध में शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को बिना नक्शा पास कराए एवं अवैध रूप से निर्मित भवनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग नियमित स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का सतत परीक्षण सुनिश्चित करें। यदि किसी कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों की अनदेखी या लापरवाही की जाती है तो उसकी कार्यशैली से शासन को अवगत कराया जाए। उन्होंने भूमि, विद्युत, जलापूर्ति अथवा अन्य विभागीय समन्वय से जुड़ी बाधाओं का तत्काल समाधान कर परियोजनाओं की गति बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने का भरोसा दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
