गाजीपुर | 30 जून, 2026
गाजीपुर में शासन की मंशा के अनुरूप जेल और किशोर गृहों में बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए आज प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया। जिला जज धर्मेंद्र कुमार पांडे, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने संयुक्त रूप से जिला कारागार और राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी/राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) का औचक निरीक्षण किया।
अचानक अधिकारियों के काफिले के जेल परिसर में पहुँचते ही हड़कंप मच गया। आइए जानते हैं क्या रही निरीक्षण की मुख्य बातें:
जेल की हर व्यवस्था को परखा
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, बैरकों की स्थिति, साफ-सफाई और सबसे महत्वपूर्ण—भोजन की गुणवत्ता की गहन जांच की। अधिकारियों ने सीधे बंदियों से संवाद किया और उनसे मिल रही सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्था व भोजन की क्वालिटी के बारे में फीडबैक लिया।
अधिकारियों के कड़े निर्देश
जिला कारागार का जायजा लेने के बाद अधिकारियों ने जेल प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी:
मानकों का पालन: बंदियों को जेल नियमावली के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप हर सुविधा मिलना सुनिश्चित हो।
स्वास्थ्य प्राथमिकता: स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा नियमित मेडिकल चेकअप कराने के सख्त निर्देश दिए गए।
सुधार पर जोर: किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किशोर गृहों की स्थिति पर संवेदनशीलता
जेल के बाद टीम राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी और राजकीय सम्प्रेक्षण गृह पहुंची। वहां मौजूद किशोरों के रहन-सहन, शिक्षा और भोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जोर दिया कि इन संस्थानों में सुरक्षा के साथ-साथ ‘मानवीय दृष्टिकोण’ अपनाना जरूरी है। किशोरों के पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद
इस औचक निरीक्षण के दौरान सीजेएम नूतन द्विवेदी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज गोंड़ सहित संबंधित विभागों के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
जेल और किशोर गृह में प्रशासनिक हड़कंप, जिला जज, डीएम और एसपी ने किया औचक निरीक्षण
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