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(गाजीपुर)
गाजीपुर जिले के ऐतिहासिक भुड़कुंडा गांव स्थित लगभग 500 वर्ष पुराने सिद्धपीठ मठ के भव्य सुंदरीकरण और विकास कार्य का शंखनाद हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य (MLC) संतोष सिंह के प्रयासों से मठ के लिए ₹2 करोड़ का बजट पास हुआ है।
इसी क्रम में सिद्धपीठ परिसर में पीठाधिपति महंत शत्रुघ्न दास आचार्य और प्रबंधक उमाशंकर पांडे सहित क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया गया और शिलापट का शिलान्यास कर कार्य की आधिकारिक शुरुआत की गई।
CM योगी से मुलाकात और 2 करोड़ के बजट की पूरी कहानी
मठ के प्रबंधक उमाशंकर पांडे ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए इस पूरी विकास यात्रा का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया:
24 जुलाई 2025: गोरक्षा पीठ (गोरखपुर) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर सिद्धपीठ के विकास के लिए पत्र सौंपा गया था और उन्हें मठ आने का निमंत्रण दिया गया था।
11 अक्टूबर 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भुड़कुंडा सिद्धपीठ मठ और महाविद्यालय परिसर में कदम रखा। उनके सानिध्य में विधिवत पूजन-अर्चन और संत परंपरा का निर्वहन हुआ।
पर्यटन विभाग की सौगात: इसी दौरे के अनुक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पर्यटन विभाग के माध्यम से ₹2 करोड़ की भारी-भरकम राशि मठ के बहुउद्देशीय सभागार निर्माण और सुंदरीकरण के लिए स्वीकृत की गई।
औरंगजेब की तानाशाही के आगे भी नहीं झुका यह मठ: गौरवशाली इतिहास
प्रबंधक उमाशंकर पांडे ने मठ के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह वही सिद्धपीठ है जो मुगल शासक औरंगज़ेब के तानाशाही रवैये और अत्याचार के आगे कभी नहीं झुका और लगातार सनातन संत परंपरा को आगे बढ़ाता रहा।
“इस मठ में संत भीखा साहब, संत गुलाल साहब सहित अन्य महान संतों की जीवंत समाधियां आज भी मौजूद हैं, जो देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं में एक असीम आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती हैं। यहां भारत के कोने-कोने से लोग मन्नतें लेकर आते हैं और आज के आधुनिक युग में भी यहां झूठ और सच का साक्षात चमत्कारिक परिणाम देखने को मिलता है।”
— उमाशंकर पांडे, प्रबंधक ने कहाँ कि
ओशो (आचार्य रजनीश) की पुस्तकों में भी है भुड़कुंडा मठ का जिक्र
इस सिद्धपीठ की महिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महान विचारक आचार्य रजनीश (ओशो) ने अपनी 6 से 7 पुस्तकों में इस स्थान का विशेष उल्लेख किया है। ओशो ने अपनी पुस्तकों में लिखा है कि:
उत्तर भारत में सिद्धपीठ भुड़कुंडा मठ जैसी समृद्ध संत परंपरा अपने आप में एक अद्वितीय पहचान रखती है।
दुनिया के संत साहित्य के अध्ययन में भुड़कुंडा मठ की सेवा और इसके इतिहास का एक अलग ही सर्वोच्च महत्व है।
CM योगी और MLC संतोष सिंह का जताया आभार, प्रबुद्ध जन रहे मौजूद
मठ के कायाकल्प की शुरुआत होने पर पीठाधिपति महंत शत्रुघ्न दास और प्रबंधक उमाशंकर पांडे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और एमएलसी संतोष सिंह के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया।
शिलान्यास के इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग साक्षी बने, जिनमें मुख्य रूप से:
महाविद्यालय के संस्थापक सदस्य कन्हैया सिंह, दीनानाथ सिंह, अंजनी सिंह, सर्वानंद सिंह, दिवेश मणि त्रिपाठी, चंद्रभाल मिश्र, मनीष मणि त्रिपाठी, विजय बहादुर सिंह, जयप्रकाश शर्मा, आकाश शर्मा, दिनेश सिंह यादव, केसर सिंह यादव, अश्वनी सिंह, ग्राम प्रधान मदन कुमार,आनंद सिंह, तीर्थराज सिंह, रजत सिंह, विजय बहादुर सिंह सीपीएम नेता, वीरेंद्र गौतम सहित भारी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध जन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।




