इकरामूल हक संवाददाता
शादियाबाद (गाजीपुर)। मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का शानदार उदाहरण पेश करते हुए शादियाबाद पुलिस ने डेढ़ वर्ष से लापता एक बुजुर्ग को सकुशल उनके परिजनों से मिलाकर भावनाओं से भरा एक अविस्मरणीय पल रच दिया। इस सराहनीय कार्य से जहां एक परिवार को उसका खोया सहारा मिला, वहीं पुलिस की छवि भी संवेदनशील और जिम्मेदार रूप में और मजबूत हुई है।
थाना प्रभारी पवन उपाध्याय के नेतृत्व में सक्रिय पुलिस टीम को रात्रि गश्त के दौरान एक बुजुर्ग संदिग्ध अवस्था में मिले। उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं प्रतीत हो रही थी। ऐसे में पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें थाने लाकर सुरक्षित रखा और पूरी देखभाल के साथ उनके परिजनों की तलाश शुरू की।
लगातार तीन दिनों की अथक मेहनत और सूझबूझ के बाद पुलिस टीम ने बुजुर्ग की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर जनपद के मनियार थाना क्षेत्र निवासी रामरतन राय के रूप में की। इसके बाद तत्काल उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। छोटे भाई राजकुमार राय सहित लक्ष्मी राय व दिनेश राय शादियाबाद थाने पहुंचे। डेढ़ साल बाद अपने प्रियजन को सुरक्षित देखकर सभी की आंखें नम हो उठीं। भावनाओं से भरे इस मिलन क्षण ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
हल्का इंचार्ज उपनिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि बुजुर्ग की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनकी पहचान में कठिनाई हो रही थी, लेकिन पुलिस टीम ने धैर्य और समर्पण के साथ प्रयास जारी रखा और अंततः उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने में सफलता हासिल की।
परिजनों ने शादियाबाद पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि इंसानियत की मिसाल है।
शादियाबाद पुलिस के इस सराहनीय कदम की क्षेत्रभर में भूरी-भूरी प्रशंसा हो रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जब कर्तव्य के साथ संवेदना जुड़ जाती है, तो परिणाम केवल सफलता नहीं, बल्कि दिलों को छू लेने वाली कहानी बन जाता है।
डेढ़ साल बाद मिला अपनों का साथ, शादियाबाद पुलिस की संवेदनशीलता ने लौटाई मुस्कान
Recent Comments
on Hello world!
