Tuesday, October 20, 2026
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पहली बार गरबा-डांडिया की धूम, बेटियों ने बिखेरी संस्कृति की रंगीन छटा

सुजीत सिंह संवाददाता

कुमकुम ब्यूटी पार्लर की अनूठी पहल बनी आकर्षण का केंद्र, नारी सशक्तीकरण और ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला मंच

जखनिया, गाजीपुर। जखनिया बाजार में पहली बार आयोजित गरबा-डांडिया कार्यक्रम में ग्रामीण अंचल की बेटियों ने अपनी प्रतिभा, उत्साह और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति से ऐसा समां बांधा कि पूरा माहौल उत्सवमय हो उठा। कुमकुम ब्यूटी पार्लर एंड ब्यूटी कलेक्शन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक गरबा एवं डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीत लिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी प्रतिभागियों की प्रस्तुतियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।
कार्यक्रम दोपहर दो बजे शुरू होकर रात दस बजे तक चला। इस दौरान महिलाओं और युवतियों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह का आयोजन अपने आप में अनूठी पहल रहा, जिसकी क्षेत्र में सराहना की गई। कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों को अपनी कला और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
कुमकुम ब्यूटी पार्लर एंड ब्यूटी कलेक्शन की संचालिका मंजू गुप्ता ने बताया कि गरबा-डांडिया जैसे आयोजन आमतौर पर बड़े शहरों में देखने को मिलते हैं। जखनिया जैसे ग्रामीण क्षेत्र में इस कार्यक्रम का विचार पार्लर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवतियों के आग्रह पर आया। इसके बाद सभी के सहयोग से आयोजन को साकार किया गया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर और मंच उपलब्ध कराने की है। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम युवतियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनकी प्रतिभा को निखारने में भी सहायक होते हैं। महिलाओं और बेटियों की सक्रिय भागीदारी नारी सशक्तीकरण की दिशा में सकारात्मक संदेश देती है।
कार्यक्रम में समाजसेवी विक्की सिंह ने कहा कि विजयदशमी के अवसर पर डांडिया का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम है। ऐसे आयोजन समाज में मेल-मिलाप और उत्साह का वातावरण बनाते हैं।
इस अवसर पर दीपक गुप्ता, कार्तिक गुप्ता, दिशा, मोना, तनु, ज्योति, आकांक्षा, कुमकुम, अंकिता, रिया, नंदिनी, महिमा, प्रिंसी, नैंसी, ललिता, माही सहित तमाम महिलाएं एवं युवतियां उपस्थित रहीं। सभी ने उत्साहपूर्वक भागीदारी कर कार्यक्रम को यादगार बनाया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि ग्रामीण अंचल की बेटियां भी अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा के दम पर नई पहचान बनाने के लिए आगे बढ़ रही है।

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