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नवदुर्गा के नौ स्वरूपों का भव्य दर्शन, शांति ब्राइडल ब्यूटी पार्लर की छात्राओं ने बिखेरी आध्यात्मिक छटा; विधि-विधान से हुआ कन्या पूजन
जखनिया (गाजीपुर)। शारदीय नवरात्र की महानवमी के पावन अवसर पर जखनिया बाजार में भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत संगम देखने को मिला। रेलवे परिसर स्थित मां दुर्गा पूजा पंडाल में शांति ब्राइडल ब्यूटी पार्लर की छात्राओं ने नवदुर्गा के नौ दिव्य स्वरूप धारण कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। चारों ओर गूंजते माता रानी के जयकारों, सजीव देवी स्वरूपों और भक्तिमय वातावरण ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक आभा से आलोकित कर दिया।
शांति ब्राइडल ब्यूटी पार्लर की संचालिका पूनम मौर्या के निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं छात्राएं आकर्षक वेशभूषा और मनमोहक शृंगार में सुसज्जित होकर बाजार में भ्रमण करते हुए मां दुर्गा के पूजा पंडाल पहुंचीं। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। देवी स्वरूपों में सजी छात्राओं को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। इस दौरान पूरा वातावरण भक्ति, आस्था और शक्ति की आराधना से गुंजायमान हो उठा।
नरगिस ने मां शैलपुत्री का स्वरूप धारण कर पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
इस आयोजन का सबसे प्रेरणादायी और भावुक कर देने वाला क्षण तब सामने आया, जब मुस्लिम समुदाय की छात्रा नरगिस मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री के रूप में सुसज्जित होकर श्रद्धालुओं के सामने आईं। उनके इस स्वरूप की लोगों ने सराहना की। नरगिस की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि आस्था के प्रति सम्मान, प्रेम और मानवता की भावना किसी धर्म की सीमाओं में बंधी नहीं होती।
उनका यह रूप भारतीय संस्कृति की उस उदात्त परंपरा का प्रतीक बना, जिसमें विविधता के बीच एकता, परस्पर सम्मान और भाईचारे को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। गंगा-जमुनी तहजीब की इस सुंदर झलक ने लोगों को भावविभोर कर दिया। आयोजन के माध्यम से यह संदेश उभरा कि धर्म और संस्कृति के अलग-अलग रंग होने के बावजूद इंसानियत का सूत्र सभी को एक-दूसरे से जोड़ता है।
पूनम मौर्या ने दिया शक्ति, सम्मान और सद्भाव का संदेश
शांति ब्राइडल ब्यूटी पार्लर की संचालिका पूनम मौर्या ने बताया कि वह सभी धर्मों का सम्मान करने में विश्वास रखती हैं। नवरात्र के अवसर पर छात्राओं ने नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूप धारण कर शक्ति, साहस, सद्भाव और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं की प्रतिभा को निखारने के साथ उन्हें अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। साथ ही समाज में धार्मिक सौहार्द, आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।
उन्होंने कहा कि नवरात्र केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान, आत्मविश्वास, सकारात्मक विचारों और बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देने वाला पावन उत्सव है। छात्राओं ने पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ देवी स्वरूप धारण कर इसी भावना को साकार करने का प्रयास किया।
नवदुर्गा के स्वरूपों का दर्शन कर श्रद्धालु हुए भावविभोर
कार्यक्रम में नेहा, आंचल, खुशी, नंदिनी, नीतू, आकृति, अंशिका, पूजा सहित अन्य छात्राओं ने नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूप धारण किए। सभी छात्राओं की आकर्षक वेशभूषा, मनोहारी शृंगार और देवी स्वरूपों की सजीव प्रस्तुति श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। पूजा पंडाल में विराजमान नौ कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया और श्रद्धालुओं ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मां के जयकारों के बीच लोगों ने सुख, शांति, समृद्धि और परिवार के मंगलमय जीवन की कामना की।
इस अवसर पर पूजा पंडाल समिति के सदस्य, श्रद्धालु और बाजार के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। महानवमी पर आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, महिला सशक्तीकरण और गंगा-जमुनी तहजीब की अमिट छाप छोड़ी। नरगिस की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि जब दिलों में सम्मान और मानवता का दीप प्रज्वलित होता है, तब आपसी सद्भाव की रोशनी समाज के हर कोने को आलोकित कर देती है।



