Friday, March 6, 2026
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सिंधोरा पुलिस की बड़ी कामयाबी : बंगलौर की रंजिश में हुई हत्या का खुलासा, प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी की टीम ने कातिल को दबोचा

युसूफ खान वाराणसी

वाराणसी वाराणसी कमिश्नरेट के थाना सिंधोरा पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का सफल अनावरण करते हुए मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने न केवल आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि मृतक का मोबाइल, आईडी कार्ड और कत्ल में इस्तेमाल की गई रस्सी भी बरामद कर ली है। इस पूरे ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी, उप-निरीक्षक अंकित सिंह और हेड कांस्टेबल शिवशंकर सिंह चौहान की सूझबूझ और तत्परता की सराहना हो रही है।
दोस्त ही निकला जान का दुश्मन
गिरफ्तार अभियुक्त वीरेंद्र यादव (24 वर्ष) और मृतक आफताब आलम कभी बंगलौर में एक साथ काम करते थे। पूछताछ में वीरेंद्र ने स्वीकार किया कि बंगलौर में काम के दौरान आफताब उसका मजाक उड़ाता था, जिससे वह काफी आहत था और बदले की आग में जल रहा था।7 जनवरी 2026 को जब आफताब छपरा (बिहार) से ट्रेन द्वारा बनारस पहुंचा, तो वीरेंद्र ने उसे अपनी बातों में फंसाया। रात के अंधेरे में सुनसान जगह ले जाकर वीरेंद्र ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर रस्सी से गला घोंटकर आफताब की हत्या कर दी और शव को ग्राम महागाँव के पास फेंक दिया।
डिजिटल सबूतों ने खोला राज
8 जनवरी को अज्ञात शव मिलने के बाद पुलिस शिनाख्त में जुटी थी। मामले में मोड़ तब आया जब परिजनों ने मृतक के बैंक स्टेटमेंट की जांच की। हत्या वाले दिन और उसके तुरंत बाद आफताब के खाते से वीरेंद्र के खाते में ₹40,000 से अधिक रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
सिंधोरा पुलिस की जांबाज टीम का एक्शन
पुलिस उपायुक्त गोमती जोन आकाश पटेल के निर्देशन में गठित टीम ने सर्विलांस और मुखबिर की सटीक सूचना पर 25 जनवरी को आरोपी वीरेंद्र यादव को धर दबोचा। इस सफल गिरफ्तारी में इन पुलिस अधिकारियों की भूमिका अहम रही

  • प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी: इनके नेतृत्व में पूरी जांच को वैज्ञानिक दिशा मिली, जिससे आरोपी बच नहीं सका।
  • उप-निरीक्षक अंकित सिंह: घटना के साक्ष्य जुटाने और अभियुक्त की लोकेशन ट्रेस करने में मुख्य भूमिका निभाई।
  • हेड कांस्टेबल शिवशंकर सिंह चौहान: जमीनी स्तर पर सूचनाएं एकत्र करने और अभियुक्त की घेराबंदी में अदम्य साहस का परिचय दिया।
    अपराधिक इतिहास और बरामदगी
    पकड़े गए अभियुक्त वीरेंद्र यादव का पुराना आपराधिक इतिहास है। उस पर पहले से ही हत्या (302), हत्या के प्रयास (307) और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
    बरामदगी: * हत्या में प्रयुक्त रस्सी।
  • मृतक आफताब का मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और आईडी कार्ड।
    सिंधोरा पुलिस अब इस घटना में शामिल दूसरे फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई से इलाके में अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
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