गाजीपुर, 30 जून 2026:
ग्रामीण विकास और महिला आत्मनिर्भरता को नई गति देने के उद्देश्य से आज गाजीपुर के विकासखंड जखनिया में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में संपन्न हुई इस कार्यशाला में सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
“महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही ग्रामीण विकास की असली कुंजी” – डीएम
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं का शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित किया जाए और छूटे हुए पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए।
लापरवाही पर सख्त रुख, रोका वेतन
प्रशासनिक सख्ती का नजारा तब देखने को मिला जब कार्यों में शिथिलता बरतने पर जिलाधिकारी ने ए.डी.ओ. समाज कल्याण (जखनिया) और संबंधित सचिव का वेतन रोकने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
योजनाओं की समीक्षा और विकास की नई शुरुआत
कार्यशाला के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने समूह की महिलाओं को स्वरोजगार और वित्तीय साक्षरता से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:
प्रेरणा कैंटीन का शुभारंभ: जिलाधिकारी और सीडीओ ने फीता काटकर ‘प्रेरणा कैंटीन’ का उद्घाटन किया।
प्रदर्शनी का अवलोकन: स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया, जो महिलाओं के हुनर को प्रदर्शित कर रही थी।
वृक्षारोपण: ब्लाक परिसर में जिलाधिकारी व अधिकारियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
प्रशासन और जनता का संवाद
इस अवसर पर उपस्थित उपजिलाधिकारी अतुल कुमार, क्षेत्राधिकारी शुभम वर्मा, ब्लाक प्रमुख इंदु देवी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सतेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ मसाला सिंह, चुन्ना सिंह, एडीओ पंचायत अशोक कुमार, भूलन यादव सीकानूराम और अन्य विभागीय अधिकारियों ने महिलाओं के साथ सीधा संवाद किया। जहां एक ओर प्रशासन ने हर संभव मदद का भरोसा दिया, वहीं महिलाओं से अपील की गई कि वे जागरूक बनकर अन्य पात्र लोगों तक भी सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।
इस कार्यशाला ने स्पष्ट कर दिया है कि गाजीपुर प्रशासन ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सरकारी तंत्र की जवाबदेही तय करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।






