दुल्लहपुर (गाजीपुर)। दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के कुंदनपुर गांव की पुलिया के पास 26 मई की देर रात करीब 10:30 बजे बदमाशों ने बाइक सवार दो लोगों पर पिस्तौल और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना देने के बावजूद यूपी 112 और स्थानीय पुलिस करीब एक घंटे देरी से मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से बदमाशों का छूटा हुआ चाकू व अन्य सामान बरामद किया है। फिलहाल घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां एक की हालत नाजुक बनी हुई है।
घात लगाकर बैठे थे आधा दर्जन बदमाश
पीड़ित परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के खालिसपुर धनेशपुर ग्राम सभा निवासी चंद्रजीत राम (50 वर्ष) और उनके साथ दीपक कुमार (24 वर्ष) मऊ जिले के सरसेना बाजार से एक निमंत्रण (शादी समारोह) से बाइक द्वारा वापस घर लौट रहे थे।
जैसे ही वे रात करीब 10:30 बजे कुंदनपुर पुलिया के पास पहुंचे, वहां पहले से ही घात लगाकर खड़े 5 से 6 की संख्या में बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाश पिस्तौल, तलवार, चाकू और लाठी-डंडों से लैस थे। बाइक रुकते ही बदमाशों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और चंद्रजीत के सिर पर रिवाल्वर सटाकर लाठी-डंडों और चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
एक घायल आईसीयू में, बदमाशों का सामान बरामद
इस बर्बर हमले में चंद्रजीत राम के सिर पर चाकू और डंडों से करीब 8 से 10 जगह गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं, उनके साथ मौजूद युवक दीपक कुमार को भी शरीर पर कई जगह चाकू मारे गए हैं, जिसका इलाज जिला अस्पताल (सदर) में चल रहा है।
मौके पर छूटा बदमाशों का सामान: झड़प और हाथापाई के दौरान घबराए बदमाश मौके पर ही अपनी रिवाल्वर का एक कारतूस (गोली), चाकू, चप्पल और गमछा छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल और थानाध्यक्ष का बयान
परिजनों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस (112) को सूचित किया गया था, लेकिन पुलिस करीब एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंची, जिससे बदमाशों को भागने का पूरा समय मिल गया।
इस पूरे मामले पर जब दुल्लहपुर थानाध्यक्ष वागिश विक्रम सिंह से बात की गई, तो उन्होंने अजीबोगरीब बयान देते हुए कहा:
“थाने पर ऐसी किसी भी घटना की कोई सूचना नहीं मिली है और न ही अभी तक पीड़ितों की तरफ से कोई लिखित तहरीर दी गई है।”
थानाध्यक्ष के इस बयान के बाद स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी और कानून-व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार अब न्याय और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।




