विशेष संवाददाता
गाजीपुर, 02 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते मारपीट एवं एससी/एसटी एक्ट से जुड़े एक पुराने मामले में माननीय न्यायालय ने 7 अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना भुड़कुड़ा में वर्ष 2009 में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 373/2009, धारा 147, 323/149, 504, 506(2), 427/149 भारतीय दंड संहिता एवं धारा 3(1)(10) एससी/एसटी एक्ट से संबंधित मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषसिद्ध पाया।
न्यायालय ने दोषी ठहराए गए सातों अभियुक्तों—
डब्लू सिंह उर्फ मनीष कुमार सिंह, बब्बू सिंह उर्फ रजनीश सिंह, पिन्टू सिंह, कन्हैया, मुल्लर सिंह, अशोक गिरी तथा गुड्डू गिरी (सभी निवासी जौहरपुर/हुसनपुर, थाना भुड़कुड़ा, जनपद गाजीपुर)—को विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई।
अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त को धारा 147, 323/149, 504 एवं 427/149 भादवि के तहत 1-1 वर्ष का साधारण कारावास एवं 1000-1000 रुपये का अर्थदंड, धारा 506(2) भादवि में 3-3 वर्ष का कारावास एवं 5000-5000 रुपये का अर्थदंड तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(10) के तहत 3-3 वर्ष का साधारण कारावास एवं 5000-5000 रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इस प्रकार प्रत्येक दोषी को कुल मिलाकर 3-3 वर्ष का साधारण कारावास एवं 14,000-14,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
पुलिस विभाग के अनुसार, यह सफलता “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत सतत निगरानी, साक्ष्यों के प्रभावी प्रस्तुतिकरण और अभियोजन की मजबूत पैरवी का परिणाम है। इस निर्णय से अपराधियों में भय और आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा।







