विशेष संवाददाता
गाज़ीपुर।
जखनिया विकासखंड के अंतर्गत अलीपुर मंदरा गाँव में एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। पवित्र रमज़ान माह के समापन और चाँद के दीदार से पूर्व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सर्वानंद सिंह उर्फ झुंना तथा समाजसेवी अटल सिंह ने गाँव के रोज़ेदार मुस्लिम परिवारों के बीच पहुँचकर प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया तथा ईद-उल-फितर की अग्रिम बधाई दी।
अलीपुर मंदरा गाँव की पहचान हमेशा से आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता के लिए रही है। यहाँ रमज़ान, होली, दीपावली, बकरीद, दशहरा और छठ जैसे सभी पर्व हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के साथ हर्षोल्लास और शांति के माहौल में मनाए जाते हैं।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सर्वानंद सिंह ‘झुंना’ ने कहा कि रमज़ान का पवित्र महीना त्याग, संयम और इंसानियत का संदेश देता है। गाँव के अनेक मुस्लिम परिवार पूरे 30 दिनों तक कठिन रोज़ा रखकर अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ करते हैं। ऐसे में उनका भी प्रयास रहता है कि इस खुशियों के पर्व में सभी परिवारों के साथ अपनी सहभागिता और प्रेम का संदेश साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि बचपन से ही ईद के अवसर पर सेवई खाने और एक-दूसरे के घर जाकर बधाई देने की परंपरा ने गांव में सद्भाव और भाईचारे को और मजबूत किया है।
वहीं समाजसेवी अटल सिंह ने कहा कि अलीपुर मंदरा गाँव अपनी सामाजिक एकता और सौहार्द के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। यहाँ “एक ही घाट पर बकरी और बाघ पानी पीते हैं” जैसी कहावत चरितार्थ होती है। उन्होंने कहा कि गांव में सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर हर त्योहार को बड़े उत्साह और आपसी प्रेम के साथ मनाते हैं तथा देश-समाज में अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआ करते हैं।
अंत में दोनों समाजसेवियों ने सभी ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों को ईद-उल-फितर की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देते हुए भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक एकता को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।




