अरुण पाण्डेय ब्यूरो चीफ
.आजमगढ़। जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी ने सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को डरा-धमकाने और जबरन फॉर्म-7 भरवाकर विपक्षी समर्थकों के वोट काटे जा रहे हैं।
सत्ता पक्ष पर धांधली का आरोप
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और बूथ लेवल एजेंटों के अनुसार, जिले में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान भाजपा समर्थित लोग सक्रिय हैं। आरोप है कि ये लोग BLO पर दबाव बनाकर उनसे जबरन फॉर्म-7 (नाम हटाने हेतु आवेदन) पर हस्ताक्षर करवा रहे हैं। सपा का दावा है कि जहाँ अधिकारियों ने विरोध किया, वहाँ जबरदस्ती की गई और उन फॉर्म्स को ऑनलाइन किया जा रहा है ताकि मतदाता सूची से सपा समर्थकों के नाम हटाए जा सकें।
जिलाधिकारी से मिले सपा प्रतिनिधिमंडल
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए समाजवादी पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष हवलदार यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी से मिला। इस दौरान निष्पक्ष कार्रवाई और मतदाता सूची की शुचिता बनाए रखने की मांग की गई।
सपा प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से शामिल रहे:
हवलदार यादव (जिलाध्यक्ष)
दुर्गा प्रसाद यादव (पूर्व मंत्री)
डॉ. संग्राम यादव (विधायक)
नफीस अहमद (विधायक)
अखिलेश यादव (विधायक)
पूजा सरोज (विधायक)
अजीत कुमार राव (राष्ट्रीय सचिव, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ)
जोरार खान (जिला अध्यक्ष, यूथ ब्रिगेड)
प्रतिनिधिमंडल के साथ सैकड़ों की संख्या में वे मतदाता भी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जिन्हें अपनी वोट कटने की आशंका है।
”लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर हमला“
जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “भाजपा सरकार चुनाव आयोग की मशीनरी का दुरुपयोग कर बेईमानी पर उतारू है। ड्राफ्ट लिस्ट में अपने वोट कम होते देख अब साजिश के तहत फॉर्म-7 का सहारा लिया जा रहा है। समाजवादी पार्टी नियम विरुद्ध किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।”
सपा नेताओं ने मांग की है कि पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच हो और बिना ठोस आधार के किसी भी मतदाता का नाम सूची से न हटाया जाए। जिले के निर्वाचन विभाग की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है।
