दुल्लहपुर (गाजीपुर)। सामाजिक समरसता, मद्यनिषेध, शाकाहार और सदाचार के माध्यम से श्रेष्ठ समाज के निर्माण का लक्ष्य लेकर निकली जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा की 83 दिवसीय जनजागरण यात्रा के क्रम में संस्थाध्यक्ष संत पंकज जी महाराज का कल सायं ग्राम परसौली, थाना दुल्लहपुर में आगमन हुआ। इस अवसर पर भाई-बहनों ने गाजे-बाजे, कलश और पुष्पवर्षा के साथ यात्रा का भव्य स्वागत किया।
आज आयोजित सत्संग में संत पंकज जी महाराज ने कहा— “सत्संग जल जो कोई पावै, मैलाई सब कटि-कटि जावै।” सत्संग से मन, चित्त और बुद्धि निर्मल होती है तथा विवेक जागृत होता है। उन्होंने कहा कि यह संसार, रिश्ते-नाते, परिवार और यहां तक कि यह शरीर भी स्थायी नहीं है। यह सब माया की छाया है, जो अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार सीमित समय के लिए प्राप्त होता है। श्वासों की पूंजी गिनकर मिली है; जब यह समाप्त होगी, तो शरीर और सांसारिक वैभव यहीं रह जाएगा—यहां से सुई की नोक के बराबर भी कुछ साथ नहीं जा सकता।
महाराज जी ने कहा कि जिस शरीर को सजाने-संवारने में हम लगे रहते हैं, वही अंततः पंचतत्व में विलीन हो जाता है। इसलिए किसी संत-महात्मा की शरण में जाकर “सुरत-शब्द नाम योग साधना” का मार्ग अपनाना चाहिए। यही मनुष्य जीवन का उद्देश्य है। उन्होंने भजन-साधना को परमात्मा प्राप्ति का सरल मार्ग बताते हुए कहा कि प्रतिदिन एक-दो घंटे का समय निकाल लिया जाए, तो जीवन सफल हो जाता है।
संत पंकज जी महाराज ने समाज में बढ़ती हिंसा और अपराध पर चिंता जताते हुए कहा कि इतने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय खुलने के बावजूद नैतिक मूल्यों में गिरावट चिंताजनक है। शाकाहारी जीवन अपनाएं, नशे से दूर रहें और सदाचारी जीवन जिएं—तभी व्यक्ति और समाज का कल्याण संभव है।
उन्होंने आगामी 3 से 5 मार्च तक जयगुरुदेव आश्रम, आगरा–दिल्ली–मथुरा हाईवे पर आयोजित होने वाले होली सत्संग मेले में बच्चों सहित परिवार के साथ सहभागिता करने का आमंत्रण भी दिया। कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा।
इस अवसर पर जंगबहादुर सिंह यादव, प्रभाचंद मास्टर, आजाद यादव, मनबोध यादव, कमलेश गुप्ता, उनूर साह, अमित कुशवाहा, अमित प्रजापति, कोलंबस, ग्राम प्रधान रामजियावन यादव सहित आजमगढ़ से आए रामचरन यादव व बड़ी संख्या में संगतजन उपस्थित रहे।



