


स्वयं सहायता समूह में कोई पात्र न मिलने पर खुली बैठक में हुआ फैसला, ग्रामीणों ने बांटी मिठाई
दुल्लहपुर (गाजीपुर)। जखनिया विकासखंड के अंतर्गत गोदसईया गांव में लंबे समय से लंबित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान (कोटा) के चयन की प्रक्रिया भारी सुरक्षा और प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। कंपोजिट विद्यालय पर आयोजित खुली बैठक में दो महिला प्रत्याशियों के बीच आधार कार्ड और निर्वाचन कार्ड के जरिए मतदान व गिनती कराई गई। इसमें कुसुम देवी ने बाजी मारते हुए अपनी प्रतिद्वंदी को 86 मतों से शिकस्त दी। जीत की घोषणा होते ही समर्थकों ने मिष्ठान वितरण कर खुशी का इजहार किया।
गौरतलब है कि गोदसईया गांव में कोटे के चयन को लेकर पिछले कई महीनों से ग्रामीणों को बेसब्री से इंतजार था। इससे पूर्व शासन की मंशानुरूप प्रथम वरीयता के आधार पर स्वयं सहायता समूह को कोटा आवंटित करने का प्रयास किया गया था, लेकिन कोई पात्र न मिलने के कारण खुली बैठक बुलाई गई। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अतुल कुमार के सख्त निर्देश पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की टीम और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
आधार और वोटर आईडी देखकर हुआ बहुमत का फैसला
विद्यालय परिसर में सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। कोटे की मुख्य दावेदार कुसुम देवी पत्नी यशवंत राम और विपक्षी शांति गौतम पत्नी मोहन राम के पक्ष में ग्रामीणों ने कतारबद्ध होकर अपने आधार कार्ड और निर्वाचन कार्ड दिखाकर बहुमत सिद्ध किया।
प्रशासनिक देखरेख में हुई मतगणना में:
कुसुम देवी को कुल 376 ग्रामीणों का समर्थन मिला।
शांति गौतम के पक्ष में 290 मत पड़े।
इस तरह 86 मतों के अंतर से कुसुम देवी को गोदसईया गांव के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के लिए नया कोटेदार चयनित घोषित किया गया।
अधिकारियों का बयान:
“सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और दोनों पक्षों की सहमति से कराई गई है। ग्रामीणों के सत्यापन के बाद ही मतों की गिनती की गई।”
— अशोक कुमार, एडीओ पंचायत
मौके पर मुस्तैद रहा प्रशासनिक अमला
इस निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को संपन्न कराने में जखनिया आपूर्ति अधिकारी गोविंद सिंह, एडीओ ए.डी. हवलदार यादव, ग्राम विकास अधिकारी/सचिव पवन कुमार मिश्रा, सचिव अमन पटेल की मुख्य भूमिका रही। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय थाने के उपनिरीक्षक (एस आई) और पुलिस कांस्टेबल अंत तक डटे रहे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से ग्राम प्रधान राकेश यादव उर्फ भुल्लन, ग्राम प्रधान मोनू यादव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि चांदी यादव, प्रख्यात समाजसेवी अशोक यादव, भानु प्रताप कुशवाहा, तेज बहादुर कुमार, अरविंद कुमार और उज्जवल उर्फ राजा सहित बड़ी संख्या में सम्मानित ग्रामीण मौजूद रहे।
