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गाज़ीपुर ।
स्थानीय थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में दशकों से चले आ रहे भूमि विवादों के संदर्भ में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के दिशा-निर्देशन एवं उप जिलाधिकारी अतुल कुमार के आदेश के क्रम में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने जफरपुर, छतमा और चुरामनपुर गांवों में बरसों पुराने चार जटिल भूमि विवादों का मौके पर जाकर पटाक्षेप कर दिया। प्रशासनिक सख्ती के आगे विपक्षियों की एक न चली और दशकों से न्याय के लिए भटक रहे पीड़ितों को आखिरकार अपनी भूमि का मालिकाना हक मिल गया।
12 साल बाद रामू के खेत में चला हल
राजस्व निरीक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने सबसे बड़ी राहत छतमा गांव के रामू राजभर को दिलाई। रामू राजभर बनाम ग्राम पंचायत मामले में धारा 24 के तहत न्यायालय द्वारा 10 दिसंबर 2025 को आदेश पारित किया गया था। पैमाइश न होने और अन्य विवादों के कारण पीड़ित रामू पिछले 12 वर्षों से अपनी ही भूमिधरी जमीन को जोत-बो नहीं पा रहा था। राजस्व टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में न केवल पैमाइश पूरी कराई, बल्कि ग्रामीणों की उपस्थिति में मौके पर ही पीड़ित की जमीन को जुतवाकर कब्जा बहाल कराया।
जफरपुर में रामचंद्र को 10 साल बाद मिला न्याय
राजस्व निरीक्षक ने बताया कि जफरपुर गांव में भी रामचंद्र बनाम रामबली का मामला गाटा संख्या 370 (क्षेत्रफल 0.316) को लेकर पिछले 10 वर्षों से अटका हुआ था। वादी न्याय पाने के लिए लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर विधिक प्रक्रिया के तहत इस आदेश का भी शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया।
चुरामनपुर में भी खत्म हुआ वर्षों का विवाद
इसी अभियान के तहत चुरामनपुर गांव में भी दो सगे और पुराने विवादों को हमेशा के लिए शांत करा दिया गया। यहाँ बीरबल आदि बनाम सलटू तथा बीरबल बनाम रामधनी के मामलों में धारा 24 के तहत न्यायालय के आदेशों का अनुपालन कराया गया। दोनों ही कार्रवाइयां गांव के संभ्रांत नागरिकों और दोनों पक्षों के लोगों की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुईं।
मौके पर तैनात रहा भारी पुलिस बल
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए दुल्लहपुर थाने के उपनिरीक्षक (एसआई) श्रीमन नारायण पाठक पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से क्षेत्र के लेखपाल सौरभ सिंह, आशुतोष पांडे, राकेश यादव, मुकेश कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस कांस्टेबल और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।



