संवाददाता the ramesh
जखनिया (गाजीपुर)।
जनपद के जखनिया क्षेत्र में गुरुवार को सुबह वामपंथी राजनीति से जुड़े दो प्रमुख नेताओं को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और इसे मजदूर आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया जा रहा है।
सीपीएम के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर सिंह, निवासी झोटना गांव, ने जानकारी देते हुए बताया कि नोएडा में मजदूरों के हक-हकूक को लेकर होने वाले बड़े आंदोलन को कमजोर करने की मंशा से पुलिस ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि शादियाबाद थाना क्षेत्र के सराय गोकुल में वीरेंद्र गौतम को तथा भूडकुड़ा कोतवाली क्षेत्र के झोटना गांव में स्वयं उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया।
विजय बहादुर सिंह ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब, मजदूर और मजलूम वर्ग की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। “मजदूरों के अधिकार की लड़ाई लड़ना अगर अपराध बन गया है, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक हलकों में हलचल
इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। वामपंथी संगठनों ने इसे अलोकतांत्रिक बताते हुए विरोध जताया है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे क्या?
जानकारों का मानना है कि नोएडा में प्रस्तावित मजदूर आंदोलन और इस तरह की कार्रवाई आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति को और गरमा सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है और आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।



